Ajnabi ke liye Shayari
उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी, जहां सारा शहर अपना था और तुम अजनबी…!!! किया है प्यार जिससे हमने जिंदगी की तरह, वो बात भी करते है तो अजनबी की तरह. बदला न अपने आप को, जो थे वही रहे मिलते रहे सभी से मगर अजनबी रहे. तुम्हारे लिए मैं अजनबी होने लगा, और मैं तुम्हारे यादों में खोने लगा. वजह पूछने की मोहलत ही न दी उन्होंने लहजा बदलता गया और हम अजनबी हो गए. कभी घंटो तक होती थी बातें, अब अरसे से अजनबी हैं हम. इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है, लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर. अजनबी सी है ये जिंदगी, और वक्त की तेज़ है रफ्तार… रात इकाई, नींद दहाई ख्वाब सैकड़ा, दर्द हजार फिर भी जिंदगी मजेदार… Also, Read - Shayari On Life Love Shayari In Hindi Heart Touching Shayari उसकी हर एक शिकायत देती है मुहब्बत की गवाही… वर्ना अजनबी से कौन हर बात पर तकरार करता है। संदेह रिश्तों को तोड़ता है और विश्वास अजनबी को भी अपना बनाता है। हम कुछ ना कह सके उससे, इतने जज्बातों के बाद भी, अजनबी के अजनबी रह गये, इतने मुलाकातों के बाद भी. अगर तुम अजनबी हो, तो लगते क्यों नहीं, अगर मेरे हो तो मुझे मिलत...